प्यार का गुलमोहर
गाँव के बीचों-बीच एक पुराना बरगद का पेड़ था, जिसके नीचे हर शाम युवा, बूढ़े और बच्चे जमा होते थे। उसी पेड़ के पास बैठा रहता था आर्यन, जो हर दिन अपने दोस्तों के साथ गप्पें मारता और मुस्कुराते हुए अपनी आँखों से उस चुपचाप गुजरने वाली लड़की को देखता रहता था। वह लड़की, नेहा, गाँव की सबसे शांत और खूबसूरत लड़की थी। उसकी आँखें गहरी झील सी और उसकी हंसी बारिश की पहली बूँद जैसी।
नेहा का स्वभाव सरल था। वह अक्सर अपनी दादी के साथ खेतों में काम करने जाती और शाम को गाँव की लाइब्रेरी से किताबें लेकर आती। लेकिन उसे यह महसूस नहीं होता था कि आर्यन की निगाहें हर पल उसका पीछा करती थीं।
एक दिन, आर्यन ने अपने दिल की बात कहने की ठान ली। लेकिन यह काम इतना आसान नहीं था। गाँव के रीति-रिवाजों और नेहा की शर्मीली प्रकृति को ध्यान में रखते हुए, आर्यन ने सोचा कि सीधे-सीधे अपने मन की बात कहने के बजाय, वह कुछ खास करेगा।
अगली सुबह, नेहा जब खेत में काम करने पहुँची, तो उसने देखा कि उसका नाम सरसों के फूलों से लिखा गया है। साथ में एक कागज़ था, जिस पर लिखा था:
"नेहा, तुम्हारी मुस्कान मेरी सुबह की पहली किरण है। क्या तुम्हारी आँखों की गहराई में मेरे लिए कोई जगह है?"
नेहा यह देखकर चौंक गई और चारों ओर नजर दौड़ाई। दूर से आर्यन उसे देख रहा था, लेकिन कुछ कहने की हिम्मत नहीं कर पाया। नेहा ने मुस्कुरा कर उस कागज़ को अपने पास रखा और बिना कुछ कहे चली गई।
कुछ दिन ऐसे ही बीते। आर्यन हर रोज़ नेहा के लिए किसी न किसी तरीके से अपने प्यार का इजहार करता – कभी गुलाब का फूल, तो कभी कविता। नेहा ने हर बार कुछ न कहकर भी उसकी भावनाओं को महसूस किया।
फिर एक दिन, जब आर्यन ने नेहा को गाँव की लाइब्रेरी के पास अकेला पाया, तो उसने हिम्मत जुटाकर उससे पूछा, "नेहा, क्या तुम्हें मेरा प्यार दिखता नहीं या तुम इसे समझना ही नहीं चाहतीं?"
नेहा ने गहरी सांस ली और कहा, "आर्यन, प्यार महसूस करने की चीज़ है, कहने की नहीं। तुम्हारे हर छोटे प्रयास ने मेरे दिल को छू लिया है। लेकिन मैं डरती थी, गाँव के लोग क्या कहेंगे।"
आर्यन मुस्कुराया और बोला, "अगर तुम्हारा दिल कहता है कि मैं सही हूँ, तो किसी और की बातों से फर्क नहीं पड़ता।"
उस दिन नेहा ने आर्यन का हाथ थामा और कहा, "हाँ, तुम्हारा प्यार सच्चा है। और यही मेरे लिए काफी है।"
गाँव के बरगद के पेड़ के नीचे दोनों ने अपना प्यार स्वीकार किया। वहाँ खड़े दोस्तों और बुजुर्गों ने तालियाँ बजाईं। उनके प्यार की कहानी बरगद के पेड़ की तरह गाँव में अमर हो गई।
प्यार हमेशा अपने तरीके से रास्ता बना ही लेता है। ❤️
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