शहर की हलचल और तेज़ रफ़्तार जिंदगी से दूर, रिया और अरमान का गांव बसा था। दोनों बचपन के साथी थे। रिया, जो हर बात में खो जाने वाली लड़की थी, और अरमान, जो हमेशा अपनी किताबों में डूबा रहता था।
उनके गांव की सबसे खास बात थी उसकी रातें। जब पूरा गांव सो जाता, तब आसमान तारों से भर जाता। एक रात, रिया ने अरमान से कहा, "तुमने कभी सोचा है, ये तारे हमें क्यों देखते हैं?"
अरमान मुस्कुराया, "शायद इसलिए कि वो भी हमारी कहानियों का हिस्सा बनना चाहते हैं।"
रिया को अरमान की बातें हमेशा गहरी लगती थीं, लेकिन इस बार उसने महसूस किया कि उसके शब्दों में एक अजीब सी मिठास थी। वह धीरे-धीरे अरमान की तरफ खिंचने लगी।
एक दिन, गांव में मेले का आयोजन हुआ। रिया ने अरमान को मेला दिखाने का वादा किया। दोनों ने खूब मस्ती की—गोलगप्पे खाए, झूला झूले, और रंगीन गुब्बारे उड़ाए। लेकिन जब रात हुई और तारे निकल आए, रिया ने अरमान को एक सुनसान जगह खींच लिया।
"अरमान, क्या तुमने कभी किसी से प्यार किया है?" उसने पूछा।
अरमान थोड़ा झिझका, लेकिन फिर उसने रिया की आँखों में देखा। "शायद किया है," उसने धीरे से कहा।
"कौन है वो?" रिया ने शरारत से पूछा।
"वो लड़की जो तारे देखकर सवाल करती है," अरमान ने जवाब दिया।
रिया का चेहरा लाल हो गया। वो कुछ नहीं बोल पाई। अरमान ने उसका हाथ थामा और कहा, "क्या तुम मेरी कहानी का हिस्सा बनोगी?"
रिया ने धीरे से सिर हिलाया, और दोनों ने आसमान की ओर देखा। तारे पहले से ज़्यादा चमक रहे थे, जैसे वे उनके प्यार को आशीर्वाद दे रहे हों।
उस रात, रिया और अरमान ने आसमान के नीचे एक नया अध्याय शुरू किया—तारों से भरा, प्यार से सजा हुआ।
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