गुरगांव की एक रात थी, चाँद की रोशनी में शहर के सभी हिस्से चमक रहे थे। विकास, एक होशियार और महत्वाकांक्षी युवा, अपने दोस्तों के साथ एक पार्टी में गया था। वहीं उसकी मुलाकात आकृति से हुई, जो एक खूबसूरत और आत्मनिर्भर लड़की थी। दोनों के बीच पहली नजर में ही प्यार हो गया।
पार्टी के बाद, विकास और आकृति अक्सर मिलने लगे। वे साथ में घूमते, फिल्में देखते और अपने सपनों के बारे में बात करते। लेकिन एक दिन, आकृति ने विकास को एक अजीब बात बताई। उसने कहा कि उसके घर के पास एक पुराना खंडहर है, जहां लोग कहते हैं कि रात में अजीब आवाजें आती हैं।
विकास ने उसे हंसते हुए कहा, "ये सब बस अफवाहें हैं। चलो, हम वहां चलते हैं।" आकृति थोड़ी hesitant थी, लेकिन विकास के उत्साह को देखकर वह मान गई। रात के समय, दोनों खंडहर के पास पहुंचे। जैसे ही उन्होंने वहां कदम रखा, अचानक हवा में ठंडक बढ़ गई और आस-पास की सभी आवाजें थम गईं।
खंडहर के अंदर जाते ही, उन्हें अंधेरा महसूस हुआ। वहां एक पुराना पियानो था, जो खुद-ब-खुद बजने लगा। आकृति ने डरते हुए विकास का हाथ पकड़ लिया। विकास ने उसे दिलासा दिया और कहा, "यह सब बस मन का खेल है।" लेकिन तभी, अचानक एक भयानक चीख सुनाई दी। दोनों ने एक-दूसरे की तरफ देखा और भागने लगे।
जैसे ही वे बाहर निकलने लगे, आकृति को महसूस हुआ कि कोई उसे खींच रहा है। विकास ने उसे पकड़कर खींचा, लेकिन आकृति की आंखों में डर साफ झलक रहा था। उन्होंने तय किया कि वे वहां से तुरंत चले जाएंगे। जब वे भागते हुए बाहर आए, तो पीछे से उन पर एक काली परछाई दौड़ती हुई आई।
आकृति ने कहा, "विकास, मुझे लगता है कि हमें यहाँ नहीं आना चाहिए था!" विकास ने उसकी बात मानी और दोनों तेजी से वहां से भाग गए।
जब वे सुरक्षित घर पहुंचे, तो आकृति ने विकास से कहा, "क्या तुम्हें भी वो परछाई दिखी?" विकास ने सिर हिलाया। उस रात, दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया और वादा किया कि वे कभी उस खंडहर की तरफ नहीं जाएंगे।
इसके बाद, विकास और आकृति का प्यार और भी मजबूत हो गया। उन्होंने तय किया कि वे अपनी जिंदगी को सकारात्मकता से जीएंगे और डर को अपने रिश्ते में जगह नहीं देंगे। और इस तरह, गुरगांव की एक प्रेम कहानी में एक डरावनी रात ने उनके रिश्ते को और भी गहरा बना दिया।

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