कसमें तोड़ देते....


कसमें तोड़ देते है वादे तोड़ देते है
चलो एक दूसरे को फिर आधा छोड़ देते है

ना शिकवा रहे ना शिकायतों का दौर
मोहब्बत में मिलने का सिलसिला तोड़ देते है

ना मैं आऊं कभी ना तुम बुलावा भेजो
इस रिश्ते को एक ओर हंसी मोड़ देते है 

प्यार की बाते छोड़िए बेकार की बातें
निभा कर फर्ज अपना कर्ज सारा छोड़ देते है

ख्वाबों में आकर कभी अब ना सताना तुम
चलो इन आसुओं का रुख मोड़ देते है

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