कुछ गलतियां भी थी ...
यूं तो हर शाम उम्मीदों में गुजर जाती है",,
_____,,,,🖤🥀
आज कुछ बात है,जो शाम पे रोना आया...!¡!😔🖇️🚬
चलो खामोशियों की गिरफ़्त में चलते हैं..
ज़्यादा बात हुई तो जज्बात खुल जायेंगे..।।
घूंघट उठा दिया उसने गली वीरान देख कर..!!
मैं ख़ुद हैरान हो गया गली में चांद देख कर..!!
पुरुष जाति की सबसे कठोर अंग है उसकी आँखें..
जो शमशान से बिना रोये लौट आती है किंतु प्रेमिकाओं के विरह में बह पड़ती है !!
वो ही जरूरी क्यों होते है
जिनको जरूरत नहीं होती
#चोट लगना बहुत #जरूरी था ,,
#ज़ख्म जैसा कोई #उस्ताद नहीं ।।😒
तरसेगा जब दिल तुम्हारा मेरी मुलाकात को..
ख्वाबों में होंगे तुम्हारे हम उसी रात को..
तुम्हारी मायूस आँखों की नमी अच्छी नहीं लगती
मेरे कांधे पे सर रखो,, ख़सारे बांट लेते हैं..!! 💕
ये हुनर तो सिर्फ लड़कों के हक़ में आया है...!!!🤷
महबूब से बिछड़ कर लड़कियाँ कहाँ पागल हुई हैं...!!😢
प्रेम प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया जाना
✍️✍️
प्रेम में छले जाने से कहीं अधिक बेहतर है
हम टूटे हुए दिलों को जोड़ने में "माहिर" थें.
जब अपना दिल टूटा तो "हुनर" ही भूल गये...
कभी ज़ख्म पे मरहम तो कभी,,,,,
इंतज़ार बनकर रह जाती है हर शाम...
तेरी जुदाई से डरता हूँ मुझे डरने दे..,
तुझसे बिछड़कर मरता हूँ मुझे मरने दे..!
तु मुझे प्यार करे या ना करे ये तेरी मर्जी..,
मैं तुझसे प्यार करता हूँ मुझे करने दे..!!
लिखी थी तारीफ़ तुम्हारी एक पन्ने पर,
वो कागज़ मारे शर्म के ख़ुद ही जल गया
❤️
तेरी बड़ाई बयां करता मैं, मगर ऐ दोस्त ::::::::::::
बंधी हैं अजियत की जंजीर मेरे पांव में ::::::::::::
तुमने तो गिरा डाली एक लम्हें में ये इमारत,
अरसा लगेंगे हमको अब ये मलबा हटाने में।
बजाहिर तो बड़ी रंगीन है आंखों की दुनिया..!!
विरानी अंदर की एक क़लब जानें एक रब जाने..!!
खूबसूरत तो वो शक्स मुझे बाद में लगा था
सबसे पहले मुझे उसके किरदार से मोहब्बत हुई l ❤️✨
अभी तक अलविदा नहीं कहा उसने,,,,
इंतजार करना लाजमी है मेरा...
होता है राज़ ए इश्क मोहब्बत इन्ही से बयां
आंखें ज़ुबां तो नहीं मगर बेज़ुबान भी नहीं
मेरी दिवानगी पर हंसने वालों,
तुमने मेरी आंखों से मेरे महबूब को देखा कहां है..
बहुत ही मजबूत कलेजा चाहिए
अपनी ही मुहब्बत को किसी और का होते हुए देखने के लिए......
बेवजह चढ़ा के गोरा रंग सूरत बिगाड़ दी,
वो सांवली सी लड़की कितनी सलोनी थी!
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