Sad urdu shayari



खुद को इसी फरेब में रखें हैं हर रोज,
बस इस इम्तिहान के बाद और कोई इम्तहान नहीं..!🥹


नमाज और मोहब्बत का एक ही किबला होता है, ईधर उधर देखोगे तो नियत टूट जाएगी.🥰❤️🍂



आरज़ू अरमान इश्क वफ़ा मोहब्बत ❤️
चीज़ अच्छी है पर दाम बहुत है


एक ख्वाब है उसे पा लेने का..🥺
और एक हकीकत है कि वो मुझे कभी मिलेगा नहीं..!💔


दुनियां देखते देखते कितनी बेगैरत हो गयी,
हम ज़रा सा क्या बदले सबको हैरत हो गयी।


अब क्या कहूँ कि उम्र गुज़ारी है किस तरह ...
ये भी कोई सवाल है, कुछ और बात कर ...!!


इश्क पहले अपने सांचे में ढालेगा तुझे,,,,
 फिर नोचेगा, चबाएगा, मार डालेगा तुझे...✍️💔


तू मांग तो सही अपनी दुआओ मे बददुआ मेरे लिए ,
 मै हंसकर खुदा से आमीन कह दूँगा...!!!


कौन हाफिज़ है आपका, खुदा जाने...!!
मेरी तो खुदा माँ है,आपकी खुदा जाने...!!!!


बड़ी शिद्द्त से राजी हुए है वो साथ चलने को,
खुदा करे के मुझे सारी जिंदगी मंजिल न मिले...


बिन्त ए हव्वा , तुझे क्या खबर कि इब्न ए आदम
किन मराहल से गुज़र कर तुझे , सुख देता है


दुआ है कि तुझे हर कोई प्यार करे
पर बद्दुआ ये है कि मेरी तरह ना करे


*कोई जन्नत का तालिब है, कोई गम से परेशां..!!*
*गरज सजदा कराती है, इबादत कौन करता है..!!*


तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक...
 मुझ को अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी...


तुम्हें पंखा ही क्यों नज़र आया
घर में गीता ओ क़ुरआन भी तो रखा था.!!



छोड़ कर मुझको नए रिश्ते वो बना लेगा
यह तसव्वुर ही कभी नींद ना आने देगा 
उसने यूँ बांध लिया खुद को नये रिश्तों में
जैसे मुझ पर कोई इल्ज़ाम ना आने देगा
सब अंधेरों से कोई वादा किये बैठे हैं
कौन ऐसे में मुझे शम्मा जलाने देगा


लैला अब नही थामती किसी बेरोजगार का हाथ,,
मजनू को अगर इश्क है तो उसे कमाना होगा |


फरेब कि हर हद्द से गुजर गया कोई 
कर के दस्तखत निकाह नामे से मुकर गया कोई

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