क्योंकी लहंगा उनकी पसंद का होता है हमसफ़र नहीं 💔
मेरी आंखों कि उदासी को महसूस तो कर",,
_____,,,,🖤🥀
हम वो है जो सब को हंसा कर रात को तन्हा रोते है...!¡!😔🖇️🚬
गैरों के सहारे की मोहताज नहीं हूं मैं,
मुझको गिर कर उठने की आदत हैं।
उसने वादा किया था आने का.!!
____रंग देखो गरीब खाने का.!!
लोग,,,,, फासले की बातें..!!
बहुत करीब आके करते हैं..!!
तीर हल्का है मुकद्दर की हवा से अपना.🖤
फेंकता हूं मैं कहीं और कहीं लगता है.💔
किसी के छूट जाने का उसे क्यों ग़म नहीं होता
तिरा दिल है कि पत्थर है कभी जो नम नहीं होता
ख़ुदा से गर तुझे माँगा नहीं होता दु'आओं में
तुझे खोने का फिर हम को ज़रा भी ग़म नहीं होता....😢
तू भी तमाम रात बदलती रहे करवट,,
तुझको भी तेरे जैसा कोई दोगला मिले...!!
अपने वुजूद का ख़ुद, ख़्वाब हो गया हूँ मैं
आज कल ज्यादे ही ख़राब हो गया हूँ मैं
थी माँ की दुआएँ भी,था बाप का भी साया
लगता था जैसे बाग़ का गुलाब हो गया हूँ मैं
इस दौरे ज़िन्दगी में क्यों हालात ऐसे हो गए
ख़्याल बन गया हूँ अब अज़ाब हो गया हूँ मैं
दिन भी क्या दिन थे, आंगन का परिन्दा था
तहज़ीब के पेशे नज़र आदाब हो गया हूँ मैं
मिट्टी और धूल से अंटा बचपन का वो सफर
ग़लीज़ ज़िन्दगी का अब नवाब हो गया हूँ मैं
क्या तौर तरीके हैं और बन्दिशें तहज़ीबों की
पहले था गंगा जल अब तेज़ाब हो गया हूँ मैं
Jo dard dikhte nahi hai
Wo dard dukhte bahot hai
मॉडर्न भी दिखो मर्यादा भी बनी रहे...!!!
श्रृंगार भी हो जाए संस्कृति भी बची रहे...!!!
मैं चाहूँ तो "आज" ही तुझे मनालू...
मगर तू वो रहा ही नहीं जिसकी "मुझे" तलब थी..!!
तुम को एहसास-ए-नदामत हो तो बस इतना करना ,
मेरे बाद किसी और को___यूँ ना रुसवा करना ...!!
उसने कहा तुम्हारी सोच ही घटिया है
और हम उस वक्त उसे ही सोच रहे थे..!! 💔🩶
तुमने कभी समझा नहीं मेरी सादगी का मतलब,
तुमको पता लगेगा मेरी कमी का मतलब ।❤️
माना है महबूब, महबूब से क्या सवाल करे
मेरा नहीं तो वो अपना ही कुछ ख्याल करे
मैं उसका फूल हूं तो सब उस पर छोड़ा है
वो चाहे सजा ले गेसू में चाहे पायमाल करे
♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️
हम ने अपने ख्वाबों पर फातिहा पढ़ दी.!
जा इश्क तुझे भी जहन्नम नसीब हो.!
मुख्तसर ये है के तुम प्यारे हो,,,,,,
खुलासा ये,,,,, के जान से भी ज्यादा !!!!!!!!!!
जब तक है डोर हाथ में, तब तक का खेल है,,
देखी तो होंगी तुम ने, पतंगें कटी हुई..!!
*माना कि मन में दर्ज है कई दर्द् के अफसाने
कोई अफसाने प्यार का कभी संभाला होगा..!!
ख़्वाब, उम्मीद, तमन्नाएँ, तअल्लुक़, रिश्ते ,,
जान ले लेते हैं आख़िर ये सहारे सारे ..!!
कफस_मोहब्बत में पनाह मिल जाए",,
तुम तक जाती हुई कोई राह मिल जाए,
कोरे कागज पर दस्तक कर के बैठे है",,
सजा मिल चुकी अब गुनाह मिल जाए,
दिल की तलाशी से इसलिए खौफ जदा हूं,
ना जाने किस कोने में दबी आह मिल जाए,
ढूंढ दिलों के मलबों में शिद्दत से "अहमद"
तुझे भी कोई तुझसे तबाह मिल जाए...!¡!😔🖇️🚬
हर दौर में मुहब्बत हारी है ।
फिर भी ये किस्सा अब भी जारी है।
उम्र ढलते देर कहां लगती है साहब
देखो साल भी दो हफ्ता पुराना हो गया
❤️

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