Urdu Shayari





ये इनायतें गज़ब की , ये बला की मेहरबानी ,
मेरी खैरियत भी पूछी ,  किसी और की ज़ुबानी !!!


हुआ ना हासिल वो शख्स इतनी चाहतो के बाद भी, इतने में तो खुदा तेरा दिदार हो जाता..!!✨


मेरी आंखों कि उदासी को महसूस तो कर",,
_____,,,,🖤🥀
हम वो है जो सब को हंसा कर रात को तन्हा रोते है...!¡!😔🖇️🚬


तुम आए हो ,ना शब_ए_इंतजार गुजरी है",,
तलाश में है,सहर" बार_बार गुजरी है,
______,,,,🖤🥀
ना गुल खिले है,ना उनसे मिले है,ना मय पी है",,
अजीब रंग में अब के बहार गुजरी है...!¡!😔🖇️🚬


तेरे बाहों को छोड़ कर,
पूरा शहर ठंडा है आजकल।


हम अब तक गुजर रहे हैं उसकी दुःख से,
और वो नई नई मोहब्बत करने में लगा है।


ईद पे गले लगा के धीरे से उसने ये कहा
ये दुनिया की रस्म है इसे मोहब्बत ना समझ लेना


अदब कीजिए हमारी ख़ामोशी का 
आपकी औकात छुपाए बैठे हैं


रुख़-ए-आरज़ू पर हिजाब-ए-मोहब्बत
खिला और इस से शबाब-ए-मोहब्बत


ये खुले खुले से गेसू इन्हें लाख तू सँवारे
मिरे हाथ से सँवरते तो कुछ और बात होती


बहकी बहकी निगह-ए-नाज़ ख़ुदा ख़ैर करे
हुस्न में इश्क़ के अंदाज़ ख़ुदा ख़ैर करे,,


खत है शायद किसी शराबी का, 
खत के ऊपर लिखा है मयखाना।



ज़ायका जिस्म का आंखों में उतर आया है 
अब तुझे हाथ लगाना भी बुरा लगता है।



आइना देख के कहते हैं सँवरने वाले,
आज बे-मौत मरेंगे मिरे मरने वाले।



अभी तक अलविदा नहीं कहा उसने
इंतजार करना लाजमी है मेरा।


सुकून की बात मत कर ए ज़िंदगी,
बचपन वाला रविवार अब नहीं आता है।


क़ातिल को क़त्ल का मेरे कोई इल्ज़ाम ना दीजिये.
उसने क़त्ल किया है मेरी खुदखुशी के बाद..



उन बद्दुआओं से डरो,जो 
 बोल कर नहीं दी जाती।



उससे कह दो कि तमाचे का तकल्लुफ न करे,
उसका हर लफ्ज़ मेरे मुंह पे निशान छोड़ता है।



ये फकीरों की महफ़िल है चले आओ,
हम जैसे लोग हैसियत नहीं पूछते।


जवाब देती नहीं seen करके मैसेज का,
वो जानती है कि किस तरह दिल दुखाते हैं।


उसकी डोली कोई और ले गया 
हम तो परदेश में कमाते ही रह गए। 
😔


उन गालों के भंवर में गिरती हुई एक जुल्फ,
किसी नागिन का खुदकुशी का इरादा हो जैसे।



फिर कोई ज़ख्म मिलेगा तैयार रह ए दिल,
कुछ लोग पेश आ रहे हैं बड़े प्यार से....!



इतने बरसों की जुदाई है कि अब,
उसको देखेंगे तो मर जाएंगे।


मेरी तनहाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग,
मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग।


कोन खरीदेगा तेरे रुखसार से तेरी आंखों का पानी,
वो जो दर्द का ताजिर था मोहब्बत छोड़ दी उसने।


"छूट गया जो साथ, वो अब ख्वाब सा लगता है,
जुदाई का हर लम्हा एक अज़ाब सा लगता है।"🖤💔




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